इस्लामाबाद से बड़ी खबर: पीटीआई के कैदी नेता चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी के पास पहुंचे हैं, इमरान खान को उचित चिकित्सा और न्याय सुनिश्चित करने की मांग लेकर। स्थानीय चैनल जियो न्यूज ने पत्र का खुलासा किया, जिसमें मेडिकल देखभाल में रुकावटों को गंभीर बताया गया।
शाह महमूद कुरैशी के माध्यम से भेजे गए इस खत पर डॉ. यास्मीन राशिद, एजाज चौधरी, उमर सरफराज चीमा व महमूद-उर-रशीद के हस्ताक्षर हैं। जेल में 2023 से बंद खान को पर्सनल डॉक्टर, परिजनों व कानूनी सलाहकारों से मिलने से रोका जा रहा, उनका दावा है।
पीआईएमएस में आंख के दूसरे इंजेक्शन के ठीक बाद यह पत्र आया। सीआरवीओ बीमारी से खान की एक आंख की 85% नजर जा चुकी, सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट में उल्लेख।
तुलना नवाज शरीफ से: 2019 में प्लेटलेट्स कम होने पर सर्विसेज हॉस्पिटल में पूर्ण सुविधा, निजी डॉक्टर की भागीदारी, परिवार-वकील पहुंच और ब्रिटेन यात्रा।
सरकार पर रहस्यमयी रवैया अपनाने का इल्जाम- पहले बीमारी नकारना, फिर डायग्नोसिस के बाद बयानबाजी। राजनीतिक दबदबे के लिए बाधाएं डाल रही, जन समर्थन विहीन शासन का आरोप।
अपील है कि न्यायमूर्ति हस्तक्षेप करें, ताकि खान के हक कायम रहें। पाकिस्तान की सियासत में यह नया मोड़ न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।