इजरायल में दूसरे दिन का विशेष क्षण – प्रधानमंत्री मोदी ने याद वाशेम होलोकॉस्ट सेंटर जाकर नाजी शासनकाल के 60 लाख यहूदी पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। फूल अर्पण व स्मृति स्थलों पर चिंतन से भरा यह दूसरा दौरा ऐतिहासिक रहा।
बुक ऑफ नेम्स हॉल में प्रवेश कर लाखों नामों की स्मृतियों से जुड़े, जो क्रूरता के खिलाफ खड़े होने का संदेश देता है। विदेश मंत्रालय ने इसे नरसंहार स्मृति का सम्मान बताया।
राष्ट्रपति हर्जोग के साथ बैठक में शिक्षा, उद्यमिता, इनोवेशन, तकनीक व कनेक्टिविटी पर गहन चर्चा। प्रेसिडेंशियल गार्डन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ के अंतर्गत संयुक्त पौधरोपण। भारत आमंत्रण देकर रिश्ते मजबूत किए।
यात्रा समापन पर पीएम नेतन्याहू संग प्रेस को संबोधित करेंगे। प्रारंभ में एयरपोर्ट स्वागत, नेसेट ऐतिहासिक भाषण व स्पीकर मेडल। नेतन्याहू ने ‘भाई से बढ़कर मित्र’ व ‘मोदी हग’ का जिक्र किया।
मोदी की यह यात्रा साझा मूल्यों पर आधारित भारत-इजरायल साझेदारी को सशक्त बनाती है, भविष्य के सहयोग का मार्ग प्रशस्त करती।