बरिशाल, बांग्लादेश। वकीलों के आंदोलन ने यहां न्याय के मंदिरों को बंद कर दिया है। जिला बार अध्यक्ष सादिकुर रहमान लिंकन समेत 12 वकीलों की गिरफ्तारी से नाराज वकील तीन दिन से अदालती कामकाज बहिष्कार कर रहे हैं। इससे वादी-प्रतिवादी दोनों परेशान हैं।
जिला सत्र न्यायालय से लेकर निचली अदालतों तक गुरुवार को सन्नाटा छाया रहा। कई वादी कोर्ट पहुंचे, लेकिन बैरंग लौटना पड़ा। सबुज हवलदार का मामला चर्चा में है, जो बेल याचिका दाखिल करने के लिए घंटों भटकते रहे।
उन्होंने बताया कि 3 माह 10 दिन पूर्व महिलाओं एवं बच्चों के दमन निवारण कानून के तहत तीन आरोपी बनाए गए, जिसमें अकबर अली बेल पर बाहर हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर निचली अदालत आए, लेकिन हड़ताल से याचिका फाइल नहीं हो सकी। ‘रविवार तक समय है, आज ही आखिरी मौका था। चिंता बढ़ गई है,’ उन्होंने कहा।
मंगलवार को लिंकन के नेतृत्व में वकीलों ने अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के कक्ष में हंगामा किया। वायरल वीडियो के आधार पर तोड़फोड़ व जज को धमकी के आरोप में स्पीडी ट्रायल एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज। राजीब मजूमदार की शिकायत पर लिंकन गिरफ्तार।
प्रदर्शनकारियों ने जमानत व केस वापसी की मांग की। एक वकील ने कहा, ’72 घंटे से न्याय व्यवस्था ठप। वकीलों पर अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।’
इस विवाद ने बरिशाल की कानूनी दुनिया हिला दी है। बेल, पारिवारिक विवाद व आपराधिक मामले रुके हैं। जनता नाराजगी जता रही है। प्रशासन को वार्ता से जल्द हल निकालना चाहिए वरना हालात बिगड़ सकते हैं।