इजरायल संसद को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत-इजरायल आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने का संकल्प जताया। व्यापार वृद्धि, निवेश मजबूती और साझा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर दिया। द्विपक्षीय निवेश चुस्ती से कारोबारियों को नई ताकत मिलेगी।
यूरोपीय संघ, यूके, यूएई, ओमान संग हुए समझौतों का उल्लेख कर मोदी ने कहा कि इजरायल संग व्यापार भले बढ़ा, लेकिन अभी बहुत कुछ बाकी। एफटीए पर तेजी से काम जारी है। आई2यू2 और आर्थिक गलियारे में सामूहिक प्रयास तेज होंगे।
‘स्टार्टअप नेशन’ इजरायल से प्रेरित होकर भारत ने नवाचार को बढ़ावा दिया। 2018 का संयुक्त इनक्यूबेटर 900 स्टार्टअप्स का पोषक बना। एआई समिट की मेजबानी कर भारत ने वैश्विक नेतृत्व दिखाया।
क्वांटम प्रौद्योगिकी, चिप निर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता में साझेदारी के द्वार खुले। डिजिटल प्लेटफॉर्म से वित्तीय एकीकरण संभव। इजरायली जल प्रबंधन ने भारत की खेती बदली। 43 केंद्रों से 5 लाख किसान प्रशिक्षित, लक्ष्य 100 केंद्र।
यह रणनीतिक गठजोड़ दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।