ब्रिटेन सरकार ने आवासन नीति में बड़ा उलटफेर किया है। 25 फरवरी से भारतीयों समेत कई यात्रियों के लिए ई-वीजा बाध्यकारी हो गया। यह डिजिटल क्रांति पुराने कागजी वीजा को अलविदा कह रही है।
यूके का दावा है कि इससे यात्रा प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और उपयोगी बनेगी। पासपोर्ट में चिपकने वाले पारंपरिक वीजा स्टिकर की जगह डिजिटल यूकेवीआई खाता लेगा। यात्रियों को सभी वीजा विवरण ऑनलाइन उपलब्ध होंगे—आवेदन से लेकर सत्यापन तक।
प्रक्रिया सरल: बायोमेट्रिक्स के लिए केंद्र जाएं, लेकिन दस्तावेज जमा न करें। खाते से वीजा स्थिति चेक करें, धोखाधड़ी रोकी जाए। पुराने विग्नेट्स एक्सपायरी तक चलेंगे।
डिजिटल यात्रा प्रमाण के बिना विमान में चढ़ना मुश्किल। एयरलाइंस सख्ती बरतेंगी।
पिछले साल शुरू ई-वीजा अब पूर्ण रूप से लागू। भौतिक परमिट, कार्ड बंद। स्वचालित डिजिटल रूपांतरण होगा। 85 देशों जैसे यूएस, कनाडा, फ्रांस के नागरिकों को ईटीए अनिवार्य।
यह कदम ब्रिटेन को आधुनिक इमिग्रेशन सिस्टम की ओर ले जा रहा है, जो यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा।