इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर एक चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला जब इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने पीटीआई नेतृत्व को आड़े हाथों लिया। 25 फरवरी को बहनों उज्मा व नौरीन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भाई के स्वास्थ्य प्रबंधन पर सवालों की बौछार कर दी। जेल में इमरान के हालात को लेकर परिवार में असंतोष चरम पर है।
पार्टी द्वारा गोपनीयता बरतने पर अलीमा ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि इमरान की इच्छा के बिना कोई मेडिकल कदम नहीं उठाया जा सकता। एक दिन पहले हुए ट्रीटमेंट पर हंगामा मच गया था। गृहमंत्री नकवी के दावों के बावजूद पीटीआई ने विवरण नहीं दिए। ‘कौन सा इलाज हुआ, ये कन्फर्म क्यों नहीं हो रहा?’
परिवार ने डॉक्टरों की सूची दी थी, लेकिन उनसे संपर्क नहीं साधा गया। न तो पसंदीदा अस्पताल चुना गया। अलीमा ने सीधे नाम लेकर पूछा- गौहर अली खान, लतीफ खोसा, अली जफर कहां हैं? ये नेता केसों से क्यों दूर हैं? इमरान से जुड़े मामलों का स्टेटस लेने बहनें कोर्ट पहुंची थीं।
विपक्षी दल इमरान के केसों की त्वरित सुनवाई की मांग पर अड़े हैं। केपी के सीएम सोहेल अफरीदी ने भी चीफ जस्टिस से भेंट की चेष्टा की। यह पारिवारिक विद्रोह पीटीआई के लिए खतरे की घंटी है, जो राजनीतिक संकट को और गहरा सकता है। पाकिस्तान की सियासत में नया मोड़ आ गया है।