जापान पूर्वी एशिया में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने को बेताब है। रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के मुताबिक, मार्च 2031 तक योनागुनी—ताइवान से 100 किमी दूर—पर एयरक्राफ्ट व मिसाइल भेदी हथियार तैनात होंगे। चीन से टकराव की आशंका मजबूत।
2030 तक योजना, प्रगति पर निर्भर। पीएम साने ताकाइची के ताइवान बयान ने विवाद भड़काया, जहां उन्होंने जापान की सुरक्षा को जोड़ा। चीन ने यात्रा चेतावनी जारी की, जापानी कंपनियों पर पाबंदियां लगाईं।
ताइवान पर चीन का दावा पक्का, जापान जैसे बयानों को आक्रामक ठहराता है। जापान ने 2022 में दूरदराज द्वीपों पर फोकस बदला—रूस से चीन की ओर। सेनकाकू/दियाओयू पर चीनी घुसपैठ 150 किमी की दूरी पर।
द्वीप पर एसडीएफ सुविधा 2016 से चालू, रडार से नौसेना पर निगरानी। 2015 के जनमत में पक्ष में वोट। 1500 ग्रामीण, घोड़ों-शार्क से जुड़े, अब सैन्य संघर्ष से चिंतित। कोइज़ुमी ने नवंबर में दौरा कर बताया।
यह कदम जापान की रक्षा रणनीति का हिस्सा, जो क्षेत्रीय शांति को प्रभावित कर सकता है। टोक्यो की मुद्रा चीन के लिए चुनौती।