अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे टर्म के पहले राष्ट्रपति संबोधन में कांग्रेस को व्यापक कानूनी सुधारों के लिए कड़ा संदेश दिया। 107 मिनट लंबे इस भाषण में सीमा सुरक्षा से लेकर चुनाव सुधार तक की रूपरेखा पेश की गई।
उन्होंने बॉर्डर और इंटीरियर सिक्योरिटी फंडिंग की तत्काल बहाली की मांग की। अपराधियों को पनाह देने वाले सैंक्चुअरी सिटीज समाप्त करने और निर्वासन रोके जाने पर अधिकारियों को दंडित करने का प्रस्ताव रखा।
वोटर आईडी सुनिश्चित करने के लिए सेव अमेरिका एक्ट पर जोर देते हुए कहा कि नागरिकता प्रमाण और आईडी के बिना वोटिंग असंभव होगी। मेल-इन बैलट सीमित होंगे।
अवैध प्रवासियों को ड्राइवर लाइसेंस न देने वाली ‘डेलिला लॉ’ और दोहराने वाले हिंसक अपराधियों के लिए कठोर जेल सजा की वकालत की। ट्रंप ने इन्हें अमेरिकी सुरक्षा का आधार बताया।
भारत जैसे देशों के लिए यह नीतियां वीजा, छात्रवृत्ति और नौकरियों पर असर डालेंगी। ट्रंप की यह अपील विधायी जंग की शुरुआत हो सकती है।