इजरायल में पीएम मोदी के दौरे का बेसब्री से इंतजार है। तेल अवीव की विशेषज्ञ लॉरेन डागन अमोस बताती हैं कि पूरे देश में उत्साह, सम्मान और प्रसन्नता छाई है।
यह यात्रा भारत के तेज विकास, तकनीकी उन्नति और सशक्त विदेश नीति पर केंद्रित है। अमोस के अनुसार, मोदी की प्रवासी मुलाकातें लोकप्रिय हैं, जो इस बार भी भीड़ जुटा रही हैं।
वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता अधिक। आर्थिक, सांस्कृतिक व रक्षा क्षेत्रों में नई पहल की उम्मीद।
1992 में पूर्ण संबंध बने, लेकिन 2014 बाद खुलापन आया। रिश्ते अब बहुआयामी—रक्षा, व्यापार, संस्कृति।
आतंकवाद से जूझते दोनों राष्ट्र। हालिया घटनाओं ने एयर डिफेंस की भूमिका उजागर की। पारस्परिक ज्ञान से बंधन सशक्त होंगे।
दूसरा पीएम दौरा मील का पत्थर। पहले केवल पूर्व नेता आते। वैश्विक संकट में मजबूत इरादे का प्रतीक। भारत का अक्टूबर 7 के बाद साथ निभाया।
निवेश रिश्तों की नींव। कृषि-जल सहयोग पुराना। गुजरात सीएम मोदी का 2002 दौरा नेटाफिम से प्रेरित।
चर्चित सौदे ज्यादातर तय। यात्रा आगे का मार्ग प्रशस्त करेगी। रक्षा महानिदेशक यात्रा के एमओयू कारगर। विकास में साझेदारी बढ़ाएं।