अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सनसनीखेज दावा किया। भारत के आतंकी ढांचे पर हमले के दौरान उनकी दखल न होती तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौत पक्की थी। ट्रंप ने खुद को आठ युद्धों का समाप्त करने वाला शांति दूत बताया।
व्हाइट हाउस में मंगलवार को दिए लंबे भाषण में ट्रंप ने पाक-भारत संकट का जिक्र किया। कहा कि संभावित परमाणु जंग में हस्तक्षेप से पाक पीएम की जान बची, जिसकी राय तीन करोड़ लोगों की थी। शहबाज शरीफ ने भी माना कि 3.5 करोड़ जिंदगियां बच गईं।
इसी तरह कोसोवो-सर्बिया, इजरायल-ईरान समेत कई संघर्ष सुलझाए। एक साल में अमेरिका का अभूतपूर्व परिवर्तन होने का ऐलान किया। कांग्रेस को चेताया कि पुराने हालात कभी नहीं लौटेंगे। रिकॉर्डतोड़ भाषण 105 मिनट से ज्यादा का हो सकता है।
संस्थापक आदर्शों का स्मरण कराया, जहां हर बच्चा ऊंचाइयों छुए, सरकार आमजन की हो और मजदूर पहले। अर्थव्यवस्था में निवेश, नौकरियां और कारखानों की भरमार का अनुमान लगाया। अमेरिका को प्राथमिकता देने वाले राष्ट्रपति मिलने पर जोर दिया।
भाषण में गर्व और गरिमा झलकी। वैश्विक स्थिरता और आर्थिक उछाल का खाका खींचा, जो ट्रंप युग को यादगार बनाएगा।