बांग्लादेश की सियासत में नया मोड़। अवामी लीग फिर सक्रिय, जिलों में कार्यालय खुले, झंडे फहराए, बैनर लगे—बिना किसी रोकटोक के। यह पार्टी की मुख्यधारा में पुनर्वापसी का इशारा दे रहा है।
पूर्णिमा चौहाण के डिप्लोमैट लेख में इसे राजनीतिक ताकत का प्रतीक कहा गया, जो कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाता है। हसीना सरकार के पतन के बाद युनुस शासन ने प्रतिबंध लगाया, चुनाव रोका। गिरफ्तारियां हुईं, प्रमुख नेता देश से बाहर।
पुनर्गठन मुश्किल, फिर भी प्रयास। बीएनपी सरकार की सहमति बनेगी? चुनावी गठजोड़ और समर्थक बयानों से संभावना। सर्वेक्षणों से पता चलता वोटर आधार मजबूत।
वापसी के लिए प्रतीकात्मक कदम कम, ठोस रोडमैप जरूरी—नीतियां, युवा, नेतृत्व। अन्यथा अनिश्चय और विघटन। क्या रक्षात्मक रुख या आक्रामक तैयारी? जॉय की भूमिका उभर रही, राजनीति गरमाई।