अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों से उपजी त्रासदी ने वैश्विक मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल को सक्रिय कर दिया है। नंगरहर व पक्तिका में 21-22 फरवरी के हमलों की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए संगठन ने सभी पक्षों से नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
यूनामा की रिपोर्ट के मुताबिक, नंगरहर में रात के हमलों से 13 निर्दोष मारे गए, जिनमें बहुलांश महिलाएं व बच्चे थे। सात लोग घायल हुए। पक्तिका के बरमल में दो हमलों ने स्कूल व मस्जिद को ध्वस्त किया, ओरगुन में आवासीय मकान उजड़ गया।
एमनेस्टी ने चिंता जताई कि इन घटनाओं की गहन जांच होनी चाहिए। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन दोहराया। पहले भी 2025 में सीमा झड़पों में पाक सेना पर 70 मौतों व सैकड़ों घायलों का आरोप लगा था।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने इसे आक्रामकता व कानूनभंग का नाम दिया। पाकिस्तान की आंतरिक कमियों का खुलासा बताते हुए मंत्रालय ने संतुलित जवाब की चेतावनी दी। यूनामा ने निंदा की और शांति की अपील की।
काबुल इन कार्रवाइयों को बारम्बार आक्रमण मानता है। एमनेस्टी की पहल से उम्मीद है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी और सीमा पर अमन कायम रहेगा।