झापा-5 में केपी ओली के खिलाफ मैदान में उतरे बालेन शाह ने चुनावी घोषणापत्र में सनसनीखेज बदलाव किया। चीन के बीआरआई से जुड़े नेपाल-चीन फ्रेंडशिप इंडस्ट्रियल पार्क को उन्होंने पूरी तरह हटा दिया। यह कदम 5 मार्च के चुनाव से ठीक पहले आया, जब अंतरिम सरकार प्रदर्शनकारियों के दबाव में बनी है।
दमक पार्क का यह प्रोजेक्ट भारत-नेपाल सीमा से सटा है, सिलीगुड़ी कॉरिडोर के निकट। नई दिल्ली की सुरक्षा चिंताओं ने इसे सुर्खियों में ला दिया। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बॉर्डर पर चीनी निवेश की अनुमति पर आश्चर्य जताया।
आरएसपी के बालेन शाह, जो काठमांडू के लोकप्रिय पूर्व मेयर हैं, जेन-जेड के हीरो बने हैं। उन्होंने अंतरिम पीएम पद ठुकराया, लेकिन अब ओली को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। सहयोगी बोले, ‘विवाद जानकर हटाया।’
ओली का 41-सूत्री वादापत्र पार्क पूरा करने पर केंद्रित है, जिसकी नींव उन्होंने 2021 में रखी। बीजिंग समर्थक ओली के यूएमएल प्रमुख के नाते संबंध गहरे हैं।
बीआरआई परियोजनाओं में देरी, कांग्रेस-यूएमएल विवाद, और ऋण जाल की आशंका व्याप्त है। सीएसआईएफ ने वित्त मॉडल बदलाव और कर छूट विवाद उजागर किया। भारत की चेतावनी के बावजूद प्रोजेक्ट आगे बढ़ा।
शाह का निर्णय राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है, जो चुनावी समीकरण उलट सकता है। नेपाल का भविष्य अब युवा नेतृत्व पर निर्भर।