चीन ने जापान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए वाणिज्य मंत्रालय के माध्यम से 20 जापानी संस्थाओं को निर्यात नियंत्रण सूची में डाल दिया और 20 अन्य को निगरानी सूची में शामिल किया। यह कार्रवाई जापान की सैन्य उन्नति से जुड़ी बताई जा रही है।
प्रवक्ता के अनुसार, मित्सुबिशी शिपबिल्डिंग कंपनी लिमिटेड जैसी 20 इकाइयों को दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के नियमों का उल्लंघन करने के लिए चिह्नित किया गया। इनके लिए निर्यात पूरी तरह बंद हो गया है। तीसरे पक्ष को भी चीन निर्मित ऐसी वस्तुओं का प्रावधान करने से रोका गया, साथ ही चल रही सभी प्रक्रियाएं स्थगित।
सुबारू कॉर्पोरेशन समेत ध्यान सूची वाली इकाइयों पर अंतिम उपयोग की अस्पष्टता के चलते नजर रखी जा रही है। सहयोग करने पर इन्हें मुक्ती मिल सकती है।
यह कदम जापान की ‘फिर से सैन्यीकरण’ की कोशिशों और परमाणु आकांक्षाओं पर अंकुश लगाने का है, जो कानूनन सही है। द्विपक्षीय व्यापार सामान्य रहेगा, निर्दोष जापानी इकाइयों को कोई हानि नहीं।
क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के दौर में यह विकास महत्वपूर्ण है। जापानी कंपनियां अब वैकल्पिक स्रोत तलाशने को बाध्य हो सकती हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है।