सीमापार तनाव के बीच पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार व पक्तिका में बमबारी की, जिससे सैकड़ों घरों व एक मदरसे में तबाही मच गई। आम लोगों, खासकर महिलाओं व बच्चों की भारी भरकम क्षति हुई। यह 2025 की झड़पों व नाकाम सीजफायर के बाद नया मोड़ है।
बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने इसे अफगानिस्तान की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताया। रक्षा मंत्रालय के बयान के बाद बीएनएम ने पीड़ितों के साथ खड़े होने का ऐलान किया और अफगान आत्मसम्मान का हौसला बढ़ाया।
संगठन ने पाकिस्तान को पिछले 79 सालों की अस्थिरता का जिम्मेदार ठहराया, जो विस्तार की भूख से प्रेरित है। बलूचिस्तान को पंजाबी जुल्म का शिकार बताते हुए कहा कि कब्जे के खिलाफ संघर्ष जारी है।
पाकिस्तान खुद राजनीतिक विघटन, सामाजिक कलह व सैन्य दमन से ग्रस्त है, लेकिन असफलताओं का ठीकरा पड़ोसियों पर फोड़ रहा है। इससे इलाके में युद्ध का खतरा मंडरा रहा। बीएनएम ने पाक सेना को वैश्विक खतरे की संज्ञा दी और दोनों क्षेत्रों की संयुक्त रणनीति की वकालत की।
यह घटना क्षेत्रीय शांति के लिए खतरे की घंटी है, अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग बढ़ रही है।