तीन मार्च के आम चुनावों की तैयारी में नेपाल की नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल व राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी ने अपने चुनावी वादे पत्र गुरुवार को पेश किए। फोकस रहा पड़ोसी भारत व चीन से संतुलित रिश्तों पर।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि नेपाल प्रमुख शक्तियों के विवादों से दूर रहेगा। पड़ोसियों से संबंध समानता, सम्मान व पारस्परिक लाभ पर टिकेंगे। राष्ट्रीय स्वार्थ प्राथमिक होंगे।
यूएमएल ने पुरानी नीति दोहराई- सभी मित्र, कोई दुश्मन नहीं। पड़ोसियों से सहयोग मजबूत होगा, उनके हित सुरक्षित रखे जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रियता बढ़ेगी।
आरएसपी ने बालेन शाह को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाया। घोषणापत्र में नेपाल को ‘वायब्रेंट ब्रिज’ बनाने का सपना बुनते हुए त्रिपक्षीय साझेदारी की बात। भू-राजनीतिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प।
पड़ोसियों के हित व वैश्विक संतुलन को रेखांकित कर लचीली कूटनीति की वकालत। भारत से डिजिटल प्रगति, बेहतर प्रोजेक्ट्स व सेवा-उद्योग समन्वय सीखें। चीन के कम लागत वाले इंफ्रा, राज्य नियोजित योजना व प्रांतों की होड़ से प्रेरणा लें।
चुनावी बहस में विदेश नीति प्रमुख हो गई। पारंपरिक दलों की स्थिरता व आरएसपी की नवीन दृष्टि के बीच वोटर विकल्प तलाशेंगे। नेपाल का पड़ोसी रिश्तों से भविष्य जुड़ा है।