पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सियासी हलचल तेज हो गई है। पीटीआई संस्थापक इमरान खान के साथ सरकार की कथित ‘डील’ की अफवाहों ने शहबाज शरीफ कैबिनेट को सफाई मोड में ला दिया। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने स्पष्ट शब्दों में इन खबरों का खंडन किया।
तरार ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘इमरान खान के लिए कोई समझौता या रियायत नहीं। ऐसी रिपोर्टें आधारहीन हैं।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि इमरान अदालतों के फैसले से बंधे अपराधी हैं। 190 मिलियन डॉलर भ्रष्टाचार केस में 14 साल की सजा, सरकारी तोहफों का केस और 9 मई हिंसाओं पर आतंरिक मुकदमों के कारण वे जेल में हैं।
मामला तब गरमाया जब राणा सनाउल्लाह ने आझ टीवी इंटरव्यू में दो असफल मध्यस्थता प्रयासों का राज खोला। 2024 के विरोधों के बाद नकवी-गंडापुर की कोशिशें विफल रहीं क्योंकि इमरान की शर्तें अस्वीकार्य थीं। सनाउल्लाह ने उन्हें हठी कहा और विदेशी संपर्क का उल्लेख किया जिससे शुरुआती सहमति बनी फिर टूटी। जनवरी में पीटीआई की वार्ता इच्छा को इमरान ने रोका।
डॉन न्यूज के अनुसार, दानयाल चौधरी ने डील नकारते हुए संवाद की बात की लेकिन दबाव नहीं माना। सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट में इमरान की दाहिनी आंख की 15% नजर के बीच मेडिकल ट्रिप सिर्फ स्वास्थ्य के लिए।
शरीफ सरकार के नेताओं के परस्पर विरोधी बयान पीएमएल-एन की एकजुटता पर सवाल उठाते हैं। पीटीआई का प्रभाव कायम है और यह विवाद भविष्य की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।