पूर्वी यूरोप भ्रमण के दूसरे चरण में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बुडापेस्ट पहुंचे, जहां हंगरी के साथ महत्वपूर्ण नागरिक-परमाणु करार पर दस्तखत हुए। प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन संग प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुबियो ने याद दिलाया कि ट्रंप ने रूसी तेल-गैस पर यूएस बैन से हंगरी को एक साल की राहत दी थी।
‘यह दोनों नेताओं के मजबूत रिश्ते के कारण संभव हुआ,’ रुबियो ने कहा। ‘हम इकॉनमी की प्रगति और देश की समृद्धि चाहते हैं—यह हमारे साझा हित में है।’ यूक्रेन संकट के बाद हंगरी की रूसी ऊर्जा पर निर्भरता की आलोचना हो रही थी, लेकिन अमेरिका ने सहयोग का रास्ता चुना।
चीन-ईरान विवाद पर रुबियो ने संतुलित रुख अपनाया। ‘दुनिया के किसी कोने से कटाव नहीं कह रहे। भूगोल, इतिहास और अर्थव्यवस्था को समझते हैं,’ उन्होंने चीन पर टिप्पणी की। ट्रंप के चीनी यात्रा का जिक्र करते हुए बोले, ‘बड़ी आबादी, विशाल इकॉनमी, न्यूक्लियर ताकत—चुप्पी बरतना मूर्खता है। विवाद सुलझाए जा सकते हैं।’
ऑर्बन ने अमेरिकी निवेशों को स्वर्णिम दौर का आधार बताया। रुबियो ने वैश्विक शांति प्रयासों, रूस-यूक्रेन मध्यस्थता और ईरान से बातचीत पर प्रकाश डाला। ईरान को चुनौतीपूर्ण बताते हुए भी कोशिशें जारी हैं। यह समझौता दोनों राष्ट्रों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है।