बांग्लादेश के आम चुनाव खत्म होने के बावजूद हिंसा की आग बेकाबू हो रही है। विभिन्न जिलों में झड़पें जारी हैं, जहां नौ से ज्यादा लोग चोटिल हुए और एक आवास को जलाया गया।
नटोर के लालपुर उपजिला में बीएनपी कार्यकर्ताओं की गुटबाजी से छह घायल। पुलिस ने दो को हिरासत में लिया, हथियार बरामद किया। थाने के प्रभारी मोहम्मद मोजिबुर रहमान ने इसे पुष्ट किया।
शेरपुर सदर में जमात के कथित हमले का शिकार बना बीएनपी का गियासुद्दीन रसेल, जो शेरपुर-1 की पराजित प्रत्याशी का प्रतिनिधि था।
दगनभुयान के दक्खिन भबानीपुर गांव में बीएनपी समर्थकों ने जमात के नूरुल अबसार पर धुनाई की। उन्हें फेनी अस्पताल भेजा गया।
दीवानगंज में स्थानीय पत्रकार शम्सुल हुदा रतन को जुबो दल के फारुक अहमद ने पीटा। मोंडोल बाजार में हिंसा की पड़ताल के दौरान यह हादसा हुआ। रतन ने पुलिस कार्रवाई का ऐलान किया।
खुलना के मशियाली में शोकर अकुंजी का घर लपटों में लिपटा। बेटे अब्दुर रज्जाक ने अज्ञात हमलावरों का जिक्र किया।
एचआरएसएस की ताजा रिपोर्ट कहती है- चुनाव अवधि में 10 शव, 2503 आहत, 34 गोलियों से घायल। 500+ घर, दुकानें, वाहन व मतदान केंद्र तबाह।
देश भर में तनाव चरम पर है। सुरक्षा बलों को सतर्कता बरतनी होगी, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं। राजनीतिक संवाद ही समाधान है।