अलबामा का हैलीविल शहर आज भी गर्व से याद करता है 16 फरवरी 1968 को दोपहर 2 बजे हुई घटना। मेयर ऑफिस से रैंकिन फाइट ने डायल किया 911। पुलिस स्टेशन पर टॉम बेविल का ‘हैलो’ इसकी शुरुआत बना। यह टेस्ट कॉल थी, जो आपात सेवाओं को एकजुट करने वाली प्रक्रिया का प्रारंभ बिंदु साबित हुई।
पुराने दिनों में संकट के समय भ्रम की स्थिति थी। अलग-अलग सेवाओं के नंबर ढूंढना मुश्किल, देरी घातक। गांवों में पारंपरिक संकेत ही सहारा।
1957 से आंदोलन चला। फायर चीफ्स की सिफारिश, 1967 में संघीय समर्थन और एटीएंडटी का फैसला—911 उभरा। लेकिन स्थानीय कंपनी एटीसी ने हैलीविल में सबसे पहले इसे जमीनी हकीकत बनाया।
केवल 4500 लोगों वाले इस शहर ने राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम की। इसके बाद 911 अमेरिका भर में फैली, अन्य देशों ने अपनाया।
यह प्रणाली अब तकनीकी रूप से उन्नत है, लेकिन जड़ें वही हैं—त्वरित मदद। हैलीविल की कहानी प्रेरणा देती है कि स्थानीय पहल वैश्विक परिवर्तन ला सकती है।