अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल को अल्बानिया का खुला समर्थन मिला है। प्रधानमंत्री एडी रामा ने वाशिंगटन में इसकी पहली बैठक में शामिल होने का ऐलान किया, जो इसी हफ्ते होनी है। यह वैश्विक शांति प्रयासों में नया अध्याय खोल सकता है।
अल्बानियाई पॉडकास्ट में फ्लासिम को दिए इंटरव्यू में रामा ने कहा, ‘पीस बोर्ड का हिस्सा बनने वाशिंगटन में रहूंगा।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि फाउंडिंग देश होने का विशेषाधिकार है, इसलिए स्थायी सदस्यता के लिए कोई भुगतान नहीं होगा।
दावोस में जनवरी के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ट्रंप ने 19 देशों के हस्ताक्षरों के साथ बोर्ड शुरू किया। उन्होंने दावा किया कि यह विश्व के युद्धों को रोकने और शांति स्थापित करने का क्रांतिकारी मंच बनेगा।
विपरीत रूप से, क्रोएशिया, फ्रांस, इटली, न्यूजीलैंड, नॉर्वे जैसे देशों ने मना कर दिया। रूस ने स्पष्ट इनकार किया- प्रवक्ता मारिया जखारोवा के अनुसार। लावरोव ने पश्चिम-पूर्व विभाजन और यूएनएससी सदस्यों की सावधानीपूर्ण प्रतिक्रियाओं पर विचार का उल्लेख किया।
अल्बानिया की भागीदारी इस पहल को गति दे सकती है। लेकिन बहिष्कारों के बीच इसकी सफलता संदिग्ध है। क्या यह बैठक संघर्ष समाधान का नया रास्ता बनाएगी? आने वाले दिनों में साफ होगा।