बांग्लादेश की चुनावी राजनीति हिंसा के चपेट में फंस गई, जहां अक्टूबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक 10 मौतें और 2503 घायल होने की चौंकाने वाली घटनाएं मानवाधिकार सपोर्ट सोसाइटी (एचआरएसएस) ने दर्ज कीं।
जातीय प्रेस क्लब में रिपोर्ट पेश करते हुए निदेशक मोहम्मद इजाजुल इस्लाम ने 64 जिलों में 565 पर्यवेक्षकों की तैनाती का जिक्र किया। इन्होंने 1733 मतदान केंद्रों और 347 गणना स्थलों की निगरानी की। 48 पर्यवेक्षकों को रोका गया—कानून का उल्लंघन।
मतदान दिवस शांत रहा, लेकिन 21 केंद्रों पर गड़बड़ियां: कब्जा, हस्तक्षेप, बैलेट धांधली। 393 घटनाएं—149 गड़बड़ियां, 105 झड़पें, 59 स्टफिंग, 145 घायल। 50 अरेस्ट, 13 हटाए गए, 5 पत्रकार प्रभावित।
पूर्व-चुनाव काल में 254 हिंसा—5 मृत, 1650 घायल। बीएनपी गुटबाजी (3 मृत), बीएनपी-जमात संघर्ष। नतीजों पर 30 जिलों में उग्रता—3 मौतें। महिलाओं पर 32 घटनाएं।
एचआरएसएस की यह रिपोर्ट लोकतंत्र की चुनौतियों को रेखांकित करती है।