वाशिंगटन से बड़ी कूटनीतिक खबर: विदेश मंत्री मार्को रुबियो 15-16 फरवरी को स्लोवाकिया और हंगरी का दौरा करेंगे। म्यूनिख सम्मेलन के ठीक बाद होने वाली यह यात्रा ट्रंप प्रशासन के यूरोपीय समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास है। दोनों देशों की सरकारें ईयू की नीतियों से असहमत रही हैं और अमेरिका के साथ निकटता दिखाई है।
राज्य विभाग के बयान के अनुसार, ब्रातिस्लावा में स्लोवाक नेताओं के साथ सुरक्षा हितों पर गहन बातचीत होगी। बुडापेस्ट में हंगरी के अधिकारियों से ऊर्जा साझेदारी, नाटो सहयोग और वैश्विक शांति प्रक्रियाओं को मजबूत करने पर चर्चा केंद्र में रहेगी।
रुबियो ने यूरोप रवानगी से पहले मीडिया को बताया कि ये सहयोगी देश अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। स्लोवाक पीएम रॉबर्ट फिको, जो ट्रंप से हाल में मिल चुके हैं, के साथ बैठक प्रमुख होगी।
यह यात्रा अमेरिकी कूटनीति की नई दिशा को दर्शाती है, जहां पूर्वी यूरोप के ट्रंप-अनुकूल नेता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा और नाटो की एकजुटता सुनिश्चित कर रुबियो क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव को और सशक्त बनाएंगे।