पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर की जर्मनी यात्रा तब सुर्खियों में आ गई जब म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के प्रवेश पर सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें आईडी कार्ड दिखाने को कहा। 15 फरवरी को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है।
वीडियो में अधिकारी मुनीर से कार्ड को सामने करने का अनुरोध करते दिख रहे हैं। बैज पर उंगली रखकर वे कहते हैं, ‘इसे मोड़ दो।’ मुनीर का यह पल, जो कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले का है, अब मजाक और बहस का केंद्र बन चुका है।
नेटिजंस ने वीडियो को खूब चिढ़ाया। कई पोस्ट्स में इसे मुनीर की हैसियत का आईना बताया गया। यह घटना पाकिस्तानी जनरल की अभूतपूर्व छवि को चुनौती देती दिख रही है।
वहीं, सिंधी नेता शफी बुरफट ने मुनीर की मौजूदगी पर सवाल उठाए। जेएसएमएम प्रमुख ने कहा कि यह उन समुदायों का तिरस्कार है जो पाकिस्तान में दमन झेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुनीर ने सैन्य तानाशाही से संस्थाओं को कुचल दिया है।
बुरफट ने एक्स पर लिखा, ‘फील्ड मार्शल बनने वाले मुनीर ने सिंध, बलूचिस्तान और पश्तून इलाकों में जुल्म ढाए हैं। गायब करना, टॉर्चर और हत्याएं उनकी नीतियों का नतीजा हैं।’ यूरोप को ऐसे अपराधी को मंच न देने की चेतावनी दी।
यह प्रकरण न केवल मनोरंजक है, बल्कि पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर रोशनी डालता है। वैश्विक सुरक्षा चर्चा के बीच मुनीर का यह अनुभव सत्ता के दुरुपयोग पर सवाल खड़े करता है।