पाकिस्तान की सियासत में नया मोड़। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दक्षिण पंजाब के मंच से पीटीआई प्रमुख इमरान खान को अप्रत्यक्ष रूप से नसीहत दी। जेल की शिकायतें छोड़कर उसे इबादत की जगह समझने का मशवरा दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने नेता के फर्ज पर जोर दिया। पार्टी व जनता की रक्षा के लिए जेल जाना मजबूरी नहीं, कर्तव्य है। इमरान की बार-बार की फरियादों – आंखों का दर्द, दूध की कमी – को कमजोरी का प्रतीक ठहराया। ’18 महीने में ही टूटना नेता को शोभा नहीं देता।’
अपने 14 साल जेल काटने का अनुभव साझा किया। मुसीबतों में भी हौसला बरकरार रखा। ‘जेल में इबादत करो, अल्लाह दुआ सुनता है।’
कार्यकर्ताओं से अपील की गिरफ्तारी का डर त्यागें। पाकिस्तान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने, पीपीपी की भारी जीत और बिलावल के पीएम बनने का संकल्प जताया।
इमरान की तबीयत बिगड़ने की खबरें सियासी हंगामे का कारण। संसद में विरोध प्रदर्शन। सलमान सफदर की रिपोर्ट से सनसनी – दाहिनी आंख में सिर्फ 15 प्रतिशत नजर बची। विपक्षी खेमे में चिंता का माहौल।