केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जर्मनी प्रवास ने भारत-जर्मनी साझेदारी को नई दिशा दी है। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के बाद उन्होंने राज्य स्तरीय और कॉर्पोरेट नेताओं से महत्वपूर्ण बातचीत की।
मंत्रालय के एक्स पोस्ट के अनुसार, बवेरिया के मंत्री एरिक बेइसवेंगर से मुलाकात में 2026 की जर्मन चांसलर यात्रा की तैयारी के संदर्भ में द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर चर्चा हुई। भारत-ईयू एफटीए, जलवायु वित्त के हरित अवसरों और पुनर्चक्रण क्षेत्र में सर्वोत्तम अभ्यासों का लेन-देन प्रमुख बिंदु रहे।
एक अन्य अहम मुलाकात BMW के ओलिवर जिप्से के साथ हुई, जहां भारत की अर्थव्यवस्था को सुधारों से खोलने, नीतियों की स्थिरता पर जोर दिया गया।
सीतारमण ने पीएम मोदी के 2047 विकसित भारत लक्ष्य का जिक्र किया, जिसमें जीएसटी, कस्टम्स राहत, मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट और ईवी, ऊर्जा दक्षता, बैटरी जैसे क्षेत्रों में पीएलआई शामिल हैं।
ये संवाद आर्थिक सहयोग को गति देने वाले हैं, जो भारत को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेंगे। सतत विकास और नवाचार पर केंद्रित ये प्रयास दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।