कनाडा ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विदेश मंत्री अनीता आनंद ने 14 फरवरी को घोषणा की कि सात ईरानियों पर आर्थिक व यात्रा प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। यह तेहरान की अपनी प्रजा पर हो रही क्रूरता व विदेशी धरती पर दमन अभियान के खिलाफ सख्त संदेश है।
यह कदम स्पेशल इकोनॉमिक मेजर्स (ईरान) नियमों के अधीन उठाया गया। विदेश विभाग के बयान में स्पष्ट किया गया कि कनाडा अपने साझा मूल्यों वाले मित्र राष्ट्रों संग ईरान द्वारा अपनाई जा रही हिंसा व दबाव की राजनीति को रोकने के लिए ऐसा कर रहा है। ईरान न केवल भीतर बल्कि बाहर भी अपने विरोधियों को निशाना बना रहा है।
टारगेट पर वे लोग हैं जो ईरानी संस्थानों से जुड़े हैं। इनके हाथ आलोचकों व अधिकारों के रक्षकों पर धमकियां, हिंसा व वैश्विक दमन के प्रयासों में हैं। अपराधी नेटवर्क व गुप्त एजेंटों का सहारा लेकर चुप्पी थोपने की चालाकी ने वैश्विक समुदाय को झकझोर दिया है। यह स्वतंत्रता के अधिकारों पर हमला है और अंतरराष्ट्रीय कानून व शांति को चुनौती देता है।
कुल प्रतिबंधितों की संख्या अब 222 व्यक्ति व 256 इकाइयों तक पहुंच गई। 2022 में महिलाओं के खिलाफ जुल्म के प्रतिकार में नियम संशोधित हुए। 2025 में क्षेत्रीय अस्थिरता के कारकों को चिह्नित करने के लिए विस्तार किया गया।
कनाडा ईरान की खलनायी हरकतों से निपटने, कानूनी व्यवस्था बनाए रखने व ईरानियों के संघर्ष में सहभागी बने रहेगा। यह प्रतिबंध निरंकुशता के विरुद्ध मजबूत प्रतिरोध दर्शाते हैं।