म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी7 मंत्रियों संग गहन बातचीत की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलाव सहित साझा मुद्दों पर विचार обмен किए गए।
एक्स पोस्ट में उन्होंने तस्वीरें डालकर बताया कि म्यूनिख में जी7 समकक्षों से मिलना सुखद रहा। यूएन@80 पर फोकस रहा और भारत का पूरा सहयोग दोहराया।
चर्चा में समुद्री संपर्कों की रक्षा, पहले प्रतिसाद देने वाली भूमिका, बंदरगाह सुरक्षा तथा सबमरीन केबल संरचना पर भारत की मदद पर बल। भारत व जी7 के हितों में काफी साम्यता दिखी।
अनंत आस्पेन के आयोजित ‘दिल्ली डिसाइड्स’ गोलमेज में भी शामिल हुए। बहुध्रुवीय चुनौतियों के लिए अद्वितीय विदेश नीति, भारत-ईयू एफटीए तथा भारत-यूएस ट्रेड डील के महत्व पर रोशनी डाली।
सेंटर ने चर्चा की सराहना की। इसमें विकास मॉडल, सहयोगी चयन तथा बदलते विश्व में रणनीतिक स्वतंत्रता की स्थिरता शामिल रही। 2004 में बने इस गैर-राजनीतिक संगठन का आस्पेन यूएसए व सीआईआई से जुड़ाव है।
जयशंकर की ये पहल भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाती हैं।