म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भावुक अंदाज में कहा कि संयुक्त राज्य यूरोप की ‘संतान’ है। 14 फरवरी को जर्मनी में बोलते हुए उन्होंने पश्चिमी गठबंधन की मजबूती पर जोर दिया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिवादन किया। ‘ट्रांस-अटलांटिक युग का अंत न हमारा लक्ष्य है न इच्छा,’ उन्होंने स्पष्ट किया।
अमेरिकी इतिहास को यूरोपीय जड़ों से जोड़ते हुए रुबियो ने क्रिस्टोफर कोलंबस से लेकर विभिन्न यूरोपीय आप्रवासियों की भूमिका का वर्णन किया। ट्रंप प्रशासन समृद्धि की नई सदी का सूत्रपात करेगा, जिसमें यूरोप की भागीदारी अपरिहार्य है। सहयोगियों को कमजोरियों की जंजीरों से आजाद होने की सलाह दी।
उन्होंने चेताया कि डीइंडस्ट्रियलाइजेशन युद्ध बाद के ‘भ्रमों’ का परिणाम था, जबकि बड़े पैमाने का प्रवासन समाजों को बदल रहा है और अस्थिरता पैदा कर रहा है। यह सभ्यता के लिए बड़ा खतरा है। ‘हम यूरोप को मजबूत और जीवंत देखना चाहते हैं।’
भविष्य की रूपरेखा गौरवपूर्ण और स्वावलंबी होगी; अकेले चलने को तैयार लेकिन साझेदारी को प्राथमिकता। म्यूनिख सम्मेलन वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण आयोजन है, जहां रुबियो ने पश्चिम को एकजुट होने का आह्वान किया।