बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के तीन हिंदू नेताओं की 13वें संसदीय चुनाव में जीत ने अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई दी। गायेश्वर चंद्र रॉय ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में भारत-बांग्लादेश संबंधों को सम्मानपूर्ण और समान बताया।
चुनाव परिणामों में बीएनपी को 211 सीटें मिलीं, जमात को 68। रॉय का फोकस 31 सुधार प्रतिबद्धताओं पर है—शिक्षा से न्याय तक। ‘चुनाव पूर्व वादे पूरे करेंगे, धीरे-धीरे लेकिन ईमानदारी से,’ उन्होंने प्रतिज्ञा ली।
अन्य समुदायों से सहयोग पर बोले, ‘बांग्लादेश में सांप्रदायिक सद्भाव गहरा है। त्योहार साथ मनाते हैं, कोई विवाद नहीं। समान अधिकार कानून से मिलते हैं।’
अधिकार सुरक्षा पर जोर दिया कि बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक बंटवारा गलत। ‘सभी की समस्याएं एक, कानून से सबका बचाव।’
हिंदुओं की प्राथमिकताएं सामान्य: स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, स्वतंत्रता।
एकता के लिए व्यक्तिगत किस्से साझा किए—उनके घर पूजा में मुस्लिम बहुल भीड़, ईद पर पारस्परिक आयोजन। ‘खुशी साझा, रिवाज निजी।’
मोदी की बातचीत को सराहा। द्विपक्षीय संबंध पड़ोसी हित, समानता पर टिके रहें—स्थिर और लाभकारी। वैश्विक साझेदारियां भी जरूरी।