दो प्रमुख अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप सरकार को पत्र लिखकर अप्रैल में क्वाड समिट आयोजित करने का दबाव बनाया है, जो राष्ट्रपति ट्रंप की शी जिनपिंग से अप्रैल मुलाकात से पहले होगी। सीनेटर टिम केन (डी-वीए) और पीट रिकेट्स (आर-एनई) का मानना है कि इससे चीन के मुकाबले अमेरिका की रणनीतिक पकड़ बढ़ेगी।
विदेश संबंध समिति के सदस्यों ने मार्को रुबियो को संबोधित पत्र में अमेरिका, भारत, जापान व ऑस्ट्रेलिया वाले क्वाड को तत्काल प्राथमिकता देने को कहा। भारत मेजबानी संभालेगा, जो 2025 से एडवांस हो रहा है। ट्रंप सहित सभी ने प्रतिबद्धता जताई।
चीन से तीखी प्रतिस्पर्धा के बीच क्वाड शिखर सम्मेलन हिंद-प्रशांत लोकतंत्रों की संकल्पबद्धता दिखाएगा। ट्रंप के चीन दौरा पूर्व यह नेतृत्व का प्रमाण होगा, जो बेहतर सौदे का आधार बनेगा। ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान से मजबूत रिश्ते और भारत व्यापार सौदा सहयोग बढ़ाएंगे।
साझा मुद्दे—सप्लाई चेन जोखिम, खनिज प्रतिबंध, क्षेत्रीय खुलापन पर संकट, तकनीकी दौड़—चुनौती हैं। चीन का जापान पर बढ़ता दबाव स्थिरता व नियमों को खतरे में डाल रहा।
क्वाड ट्रंप की सुरक्षा नीति को आगे ले जा सकता है: सहयोगी मजबूती, दुश्मन निर्भरता कम, तकनीक हिफाजत, समुद्री अधिकार। नेताओं के बाद मंत्रिस्तरीय व विशेषज्ञ बैठकें जरूरी। सांसद सहयोग के इच्छुक हैं।
13 मार्च 2026 तक क्वाड योजना पर जानकारी मांगी। दशक भर में क्वाड सुरक्षा, चेन मजबूती, तकनीक व समुद्री तालमेल का केंद्र बना। भारत ने चीन सीमा विवाद के बीच खुले हिंद-प्रशांत का पक्ष लिया।