कराची। गुल प्लाजा अगलगी की त्रासदी के बाद सिंध सरकार ने फायर सेफ्टी पर कमर कस ली है। 3,633 इमारतों के निरीक्षण में 91.3 प्रतिशत में सुरक्षा प्रबंधों की भारी कमी उजागर हुई। नतीजतन, 889 उच्च जोखिम वाली इमारतों को सील करने के आदेश जारी हो गए हैं।
चीफ सेक्रेटरी आसिफ हैदर शाह ने बैठक में स्पष्ट किया कि हाई रिस्क वाली इमारतें तुरंत बंद होंगी। मीडियम व लो रिस्क के लिए सुधार के निर्देश दिए गए हैं। इस महीने की शुरुआत में गुल प्लाजा में लगी आग ने 80 जिंदगियां लील लीं, जिससे जांच तेज हुई।
राजधानी इस्लामाबाद में सीडीए ने 6,500 भवनों का जायजा लिया। ज्यादातर में फायर प्लान व सर्टिफिकेट अनुपस्थित मिले। चेयरमैन अली रंधावा की अगुवाई में हुई बैठक में गृह मंत्री के निर्देशों का जिक्र हुआ। 300 सरकारी इमारतें भी जांच के दायरे में थीं।
15 दिनों के भीतर सर्टिफिकेट जमा न करने पर सीडीए नियमों के तहत सजा का प्रावधान है। यह अभियान पाकिस्तान के महानगरों में आग के खतरों से निपटने की दृढ़ प्रतिबद्धता दर्शाता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु व्यापक सुधार जरूरी हैं।