बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने संसदीय चुनावों में भारी जीत दर्ज कर बहुमत हासिल कर लिया। हसीना सरकार के पतन के 18 माह बाद यह बदलाव दक्षिण एशिया की राजनीति को नई दिशा देगा। भारत के साथ संबंधों पर क्या होगा, यह जानना जरूरी।
अंतरिम शासनकाल में पाकिस्तान का प्रभाव बढ़ा, आईएसआई सक्रिय हुई। बीएनपी भारत से रिश्ते सुधारने को तैयार। पुराने मुद्दे जैसे सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ, तीस्ता जल बंटवारा फिर चर्चा में।
चीन की बंदरगाह महत्वाकांक्षाएं भारत को चिंतित कर रही हैं। बीएनपी के आने से चीन के साथ सहयोग बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय संतुलन बिगाड़ सकता है। पाकिस्तान संबंध कमजोर पड़ने की संभावना।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत सतर्क। पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा मजबूत करनी होगी। आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे, लेकिन समग्र सुधार की आशा। इस्लामी कट्टरपंथ से बचा जाना राहत की बात।