विदेश मंत्रालय ने पुनीत अग्रवाल को थाईलैंड में भारत के राजदूत के पद पर तैनात करने की घोषणा की है। 1997 बैच के इस आईएफएस अधिकारी का वर्तमान पद मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव का है, और वे शीघ्र नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
अग्रवाल का कूटनीतिक सफर प्रभावशाली रहा है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मिशन में डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव, हांगकांग में कौंसल जनरल के रूप में सेवा दी। जुलाई 2022 से दिसंबर 2025 तक हिंद महासागर में भारत के हितों की रक्षा की। आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त उनके पास दक्षिण एशिया और बहुपक्षीय मंचों पर गहन समझ है।
वियना, थिम्पू, बर्लिन जैसे स्थानों पर भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से श्रीलंका, मालदीव जैसे पड़ोसियों के साथ संबंधों में उनकी विशेषज्ञता उल्लेखनीय है।
भारत-थाईलैंड के रिश्ते 3 अप्रैल 2025 को पीएम मोदी के बैंकॉक यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी बने। ‘एक्ट ईस्ट’ व ‘एक्ट वेस्ट’ का मेल तीन柱ों—व्यापार, संस्कृति, कनेक्टिविटी—पर टिका है।
2024-25 में व्यापार 19.07 अरब डॉलर का हुआ, भारत के निर्यात 4.18 अरब (मशीनरी, ज्वेलरी, फार्मा) के मुकाबले आयात 14.26 अरब (तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक)।
अग्रवाल से आशा है कि वे घाटे को कम करेंगे, निवेश बढ़ाएंगे और दोनों देशों के बीच नई ऊंचाइयों को छुएंगे।