कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का भारत आगमन द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। आर्थिक पूरकता और वैश्विक हितों पर आधारित ये संबंध अब निवेश-ऊर्जा सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यात्रा स्थिरता से विस्तार की ओर ले जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि दशक भर में व्यापार, सप्लाई चेन और लोगों के जुड़ाव पर फोकस रहेगा। दौरे में आर्थिक समझौते की रूपरेखा, निवेश और ऊर्जा एकीकरण प्रमुख होंगे। भारतीय निर्यात को कनाडा में राहत मिलेगी।
कनाडा भारत को ऊर्जा-कृषि उत्पाद देगा। द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होने की क्षमता है। ऊर्जा, सुरक्षा और तकनीक क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।
खुफिया साझा, आतंकवाद विरोध और बहुपक्षीय सहयोग मजबूत होंगे। यह यात्रा दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगी।