बांग्लादेश के आम चुनाव गुरुवार को हिंसा की भेंट चढ़ गए। ढाका सहित कई जिलों में पोलिंग बूथों पर झड़पें हुईं और बीएनपी नेता मोहिबुज्जमां कोची की हत्या कर दी गई। मतदान शुरू होते ही सुरक्षा की पोल खुल गई।
खुलना के आलिया मदरसा में सुबह ही हंगामा मच गया। जमात समर्थकों और बीएनपी कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत में कोची को धक्का देकर पेड़ पर गिरा दिया गया। यूसुफ हारुन मजनू ने बताया कि प्रिंसिपल का जमात प्रचार भड़काने वाला था। पुलिस अधिकारी खान फैसल रफी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, लेकिन कोची बच नहीं सके। अस्पताल में उन्हें मरा घोषित किया गया।
गोपालगंज में बम फेंककर हमला किया गया, जिसमें सुरक्षाकर्मी और एक बच्चा जख्मी हुए। एसआई जहीदुल इस्लाम के मुताबिक, नहर पार से बदमाशों ने बम लॉन्च किए। मुंशीगंज में धमाकों ने अफरा-तफरी मचा दी।
जमात के एहसानुल महबूब जुबैर ने कहा कि उनके लोगों पर हमले हो रहे हैं और वोटिंग रोकी जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की। अवामी लीग के प्रभुत्व वाले इस चुनाव में विपक्षी बहिष्कार और गिरफ्तारियां पहले से तनाव बढ़ा चुकी हैं। ये वारदातें लोकतंत्र की नींव हिला रही हैं।