बांग्लादेश के आम चुनावों में जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका के मोनीपुर हाई स्कूल मतदान केंद्र से उत्साहजनक बयान दिया। वोटिंग के बाद उन्होंने भरोसा जताया कि स्वतंत्र मतदान से उनकी पार्टी सत्ता में आएगी और 18 करोड़ नागरिकों वाली सरकार बनेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव शांत, निष्पक्ष और सभी को मान्य होना चाहिए। द डेली स्टार ने उनके हवाले से बताया, ‘निष्पक्ष परिणाम हम मानेंगे, अन्य भी मानें। न एक व्यक्ति, न परिवार- न किसी पार्टी की, बल्कि देशभर की सरकार हमारी कामना है।’
विपक्ष ने जमात पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कथित तौर पर पार्टी ने वोटरों को लुभाने के लिए पर्चे बांटे, जिसमें 15,000 बांग्लादेशी टके का लालच है। ‘तराजू’ चिह्न पर पारिवारिक वोट का वादा करने वालों को पापमुक्त जीवन और कठोर दंड से मुक्ति का वचन दिया गया।
मतदाताओं को पोलिंग बूथ पर फोन से बैलेट फोटो लेने और सबूत भेजने को कहा गया, बदले में बीकैश से पैसे ट्रांसफर का वादा। अग्रिम भुगतान की भी बात कही गई।
ये घटनाक्रम बांग्लादेशी लोकतंत्र पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शफीकुर रहमान का विजयी दावा भ्रष्टाचार के साये में है। नतीजे आने पर साफ होगा कि जनता का असली फैसला क्या है।