इस्लामाबाद। पूर्व पीएम इमरान खान की दाहिनी आंख में रोशनी घटकर केवल 15 प्रतिशत बाकी है। वकील सलमान सफदर की विस्तृत रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत कार्रवाई की और मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश जारी किया। जेल यात्रा के बाद पेश यह दस्तावेज कई गंभीर मुद्दे उजागर करता है।
दस्तावेज बताते हैं कि 2023 के अक्टूबर तक दृष्टि सामान्य थी, उसके बाद धुंधलापन आया। जेल अधिकारियों ने शिकायतें नजरअंदाज कीं, जिससे थक्के जमे और नुकसान हुआ। डॉ. आरिफ की जांच में क्षति पुष्ट हुई। मुलाकात के दौरान आंख से आंसू बह रहे थे।
तत्काल नेत्र रोग विशेषज्ञों की जांच, जिसमें खान के पसंदीदा डॉक्टर शामिल हो सकें, की मांग है। जेल में सुधार भी जरूरी बताया गया। दो वर्षों का एकांतवास मानसिक तनाव पैदा कर रहा है। गर्मी-मच्छरों से अनिद्रा, बिना कूलर के भोजन खराब होने की घटनाएं सामने आईं।
परिवार, वकीलों और चिकित्सकों से मुलाकात पर रोक जारी है। टीवी न होने पर किताबें देने, न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्षता और पुत्रों से टेलीफोनिक संपर्क की सलाह दी। कोर्ट ने 16 फरवरी तक आंख जांच और कॉल की मंजूरी दी।
यह घटना पाकिस्तानी जेल व्यवस्था और विपक्षी नेता के प्रति रवैये पर सवाल खड़े करती है।