तेहरान ने अमेरिका के साथ हो रही अप्रत्यक्ष बातचीत के स्थान परिवर्तन की खबरों को झूठा करार दिया। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि ओमान का मस्कट ही हमेशा का केंद्र बना रहेगा।
प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने मीडिया को बताया कि पड़ोसी व क्षेत्रीय देशों की तनाव कम करने वाली कूटनीतिक कोशिशों का ईरान समर्थन करता है। अनेक देश मध्यस्थता के लिए आगे आए हैं।
विदेश मंत्री अरागची की सक्रियता जारी है, जो चिंतित राष्ट्रों के साथ शीर्ष संवाद चला रहे हैं। राष्ट्रपति सहित ये चर्चाएं शांति प्रक्रिया को मजबूत करने वाली हैं।
ओमान से बाहर बातचीत का कोई इरादा नहीं, बाकेई ने जोर देकर कहा। इसी क्रम में अली लारीजानी मस्कट गए, जहां ओमानी समकक्ष से क्षेत्रीय स्थिरता पर बात हुई।
मुलाकात में सहयोग व संवाद की महत्ता रेखांकित की गई। लारीजानी ने एक्स पर नेतन्याहू-ट्रंप बैठक से पूर्व अमेरिका को आगाह किया कि इजरायली हथकंडों से परमाणु डील बिगाड़ने न दें।
इजरायल ईरान के न्यूक्लियर प्लान पर शक जताता है और स्वतंत्र कार्रवाई की धमकी देता है। वाशिंगटन जाते हुए नेतन्याहू ने ईरान को प्राथमिकता दी।