मध्य नेपाल के रामेछाप में माचानेतार के पास एक पैसेंजर बस तामाकोशी नदी में खाई में गिर गई। इस भयावह दुर्घटना में 12 यात्रियों की जान चली गई, जबकि आठ घायल हो गए। हादसा सुबह 11 बजे दोपहर के समय घटा।
जिला पुलिस उपाधीक्षक भोला कुमार भट्टा ने जानकारी दी कि बस का ड्राइवर ब्रेक लगाने में नाकाम रहा, जिससे गाड़ी 100 मीटर नीचे नदी में जा धंस गई। काठमांडू से पोकली जा रही बस में करीब 24 लोग सवार थे।
बचाव दल ने फौरन मोर्चा संभाला। छह शव नदी किनारे मिले, छह ने अस्पताल में दम तोड़ा। सात गंभीर घायलों को राजधानी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
देशभर में सड़कें बेहतर होने और वाहनों की संख्या बढ़ने से हादसे बढ़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, एक दशक पूर्व 4,999 जबकि हालिया वर्ष में 7,669 हादसे हुए, जिनमें 190 जानें गईं—278 गंभीर।
वर्ल्ड बैंक स्टडी बताती है कि सड़क चोटों की लागत जीएनपी के 1.5% तक पहुंच गई, जो 2007 से तिगुनी है। आर्थिक नुकसान गरीबों पर सबसे ज्यादा भारी पड़ता है।
सरकार को वाहन जांच, ड्राइवर प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों पर ध्यान देना होगा ताकि ऐसी त्रासदियां न हों।