श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित विशेष समारोह में देश के 25 जिलों के 300 उत्कृष्ट छात्रों को महात्मा गांधी छात्रवृत्ति से नवाजा गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या, उप मंत्री मधुरा सेनेविरत्ना और भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त सत्यंजल पांडे उपस्थित रहे।
मेरिट-कम-नीड के सिद्धांत पर आधारित इस योजना में हर जिले से सर्वश्रेष्ठ छह विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें मासिक 2500 एलकेआर की सहायता दी जाती है। 2021-2024 के दो बैचों को एक साथ सम्मानित करना इस वर्ष की खासियत रही।
कार्यक्रम में पीएम अमरसूर्या ने भारत का धन्यवाद किया और छात्रों को गांधीजी के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने युवा पीढ़ी से राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील की।
डॉ. पांडे ने छात्रवृत्ति को आजीवन सम्मान बताया और उम्मीद जताई कि प्राप्तकर्ता शैक्षणिक सफलता के साथ गांधी दर्शन का प्रसार करेंगे।
भारत द्वारा श्रीलंका को विविध क्षेत्रों में 210 वार्षिक छात्रवृत्तियां और आईटीईसी के तहत 400+ प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। हालिया समझौतों में 1500 अधिकारियों का प्रशिक्षण और 700 क्षमता कार्यक्रम शामिल हैं।
भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूत करने वाली यह पहल शिक्षा के माध्यम से शांति और विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।