नेपाल ने सोशल नेटवर्क प्रबंधन बिल को संसद से वापस ले लिया। नेशनल असेंबली में सर्वसम्मति से पारित यह निर्णय वैश्विक स्तर पर नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर चल रही चर्चा के बीच महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया का 16 साल से कम उम्र पर बैन इसका उदाहरण है।
चेयरमैन नारायण दहाल के प्रस्ताव पर बिल को खारिज किया गया। कमेटी चेयर तुलसा कुमारी दहल की रिपोर्ट के बाद 35 सदस्यों के 155 संशोधनों ने विवाद बढ़ाया। मंत्रालय ने 3 फरवरी को वापसी की अपील की।
पिछले साल जेन-जी आंदोलन ने साबित कर दिया कि युवा सोशल मीडिया बैन के खिलाफ एकजुट हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में 10 दिसंबर से लागू कानून के तहत 47 लाख अकाउंट डिलीट हुए। कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने प्लेटफॉर्म्स की सक्रियता की सराहना की।
नॉर्डिक देशों ने 15 साल से कम पर ब्लॉक का समझौता किया है। नेपाल का कदम सतर्कता दर्शाता है, जो तकनीकी सुरक्षा पर जोर देगा। भविष्य में नीतियां युवाओं को साथ लेकर बनेंगी।