अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत संग व्यापार समझौते का खुलासा होने के बाद व्हाइट हाउस ने कहा कि अनसुलझे मुद्दों पर परामर्श चलता रहेगा। समझौते की रूपरेखा स्पष्ट होने पर भी टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाओं का समाधान बाकी है।
ट्रंप-मोदी की शुक्रवार की बातचीत के बाद जारी तथ्य पत्रक में यह विवरण आया। नेताओं ने अंतरिम व्यापार ढांचे को मंजूरी दी और द्विपक्षीय सौदे को विस्तार देने की इच्छा जताई।
दोनों देश बची टैरिफ रुकावटें, गैर-टैरिफ अवरोध, तकनीकी बाधाएं, शुल्क प्रक्रिया, व्यापार सरलीकरण, बेहतर नियमों पर चर्चा करेंगे। साथ ही सेवाएं, पूंजी निवेश, आईपीआर, श्रम-पर्यावरण, खरीद नीतियां तथा सरकारी फर्मों की गड़बड़ियों पर ध्यान केंद्रित होगा।
चर्चा के बीच अंतरिम फैसलों पर अमल होगा। भारत आयात पर अमेरिका का अतिरिक्त 25% टैरिफ हटेगा, क्योंकि भारत ने रूसी तेल आयात रोकने का वादा किया—कार्यकारी आदेश हस्ताक्षरित।
अमेरिका भारत के लिए 25% से 18% शुल्क घटाएगा, व्यापार संतुलन व सुरक्षा सहयोग के बदले। भारत अमेरिका से अधिक खरीद करेगा, बाधाएं हटाएगा। नियम निर्माण से लाभ अमेरिका-भारत को सुनिश्चित।
डिजिटल क्षेत्र प्रमुख: भारत का डिजिटल कर खत्म, नियमों से ई-व्यापार शुल्क मुक्त व निष्पक्ष।
आर्थिक सुरक्षा, सप्लाई चेन मजबूती, इनोवेशन, टेक साझेदारी पर समझ। भारत के ऊंचे शुल्क—कृषि 37%, ऑटो 100%+—परिवर्तन की मांग।