नई दिल्ली से कुआलालंपुर तक का सफर पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के साथ संबंधों को ऐतिहासिक मोड़ दिया। हाईकमीशनर बीएन रेड्डी के अनुसार, यह यात्रा सभ्यता की जड़ों को सींचने के साथ रणनीतिक आयाम जोड़ती है।
भुगतान गेटवे एनपीसीआई और पेनेट के एकीकरण पर हस्ताक्षर हुए, जिसे पीएम ने औपचारिक रूप दिया। विविध क्षेत्रों में 11+ समझौते हुए, लेकिन रक्षा-सुरक्षा सहयोग ने रणनीतिक साझेदारी को ठोस आधार प्रदान किया। अनवर इब्राहिम के पिछले भारत दौरा इसकी नींव था।
दोनों पीएम का एयरपोर्ट रिसेप्शन और ‘सलामत दातांग मोदीजी’ इवेंट में 12,000 लोगों का जमावड़ा यादगार रहा। दोनों का संयुक्त संबोधन पहली बार इतने बड़े मंच पर हुआ। 800 नर्तकों का भारतीय नृत्य मलेशियाई किताब ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान पा गया, साझा विरासत को रेखांकित करते हुए।
2026 का पहला विदेशी दौरा होने के नाते यह महत्वपूर्ण है। इससे सुरक्षा, डिजिटल और सांस्कृतिक क्षेत्रों में प्रगति होगी, जो हिंद महासागर क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है। दोनों राष्ट्र मिलकर नई ऊंचाइयों को छूेंगे।