ब्रिटेन की सियासत में भूचाल मचा है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर एपस्टीन स्कैंडल से जुड़े अपने साथी पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति पर घिरे हैं, मगर इस्तीफा देने का कोई इरादा नहीं। उनके करीबी अधिकारियों के इस्तीफे के बावजूद स्टार्मर अडिग हैं।
‘प्रधानमंत्री देशव्यापी परिवर्तन पर केंद्रित हैं,’ प्रवक्ता ने पत्रकारों से कहा। यह बयान चीफ ऑफ स्टाफ व कम्युनिकेशन प्रमुख के इस्तीफे के कुछ घंटों बाद आया, जिससे सरकार की नींव हिल गई।
स्टार्मर ने मैंडेलसन को यूएस राजदूत बनाया, जबकि उन्हें एपस्टीन के 2008 के यौन अपराध दोषसिद्धि के बाद भी उनके संबंधों की जानकारी थी। 19 महीनों से सत्ता में लेबर नेता पर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है।
बीबीसी रिपोर्ट में स्टार्मर को स्टाफ मीटिंग के बाद ‘आत्मविश्वासी’ बताया गया। वीकेंड रिजाइन की खबरों को खारिज करते हुए प्रवक्ता बोले, ‘वे ऐसे नहीं लग रहे थे।’ कैबिनेट का पूरा समर्थन उनके पास है।
चुनावी रणनीतिकार मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को इस्तीफा दिया। उन्होंने नियुक्ति को ‘भूल’ करार दिया और पार्टी, राष्ट्र व राजनीति को हुए नुकसान की जिम्मेदारी स्वीकारी।
विदेश विभाग मैंडेलसन के सेवानिवृत्ति भुगतान की पड़ताल कर रहा है। पिछले सितंबर एपस्टीन दोस्ती के चलते स्टार्मर ने उन्हें हटाया था। यह संकट स्टार्मर की अग्निपरीक्षा साबित हो सकता है।