12 फरवरी 2026 को बांग्लादेश में 13वीं संसदीय चुनाव और राष्ट्रीय चार्टर पर रेफरेंडम एक साथ होंगे। इस बीच चुनाव आयोग ने पोलिंग स्टेशन के 400 यार्ड क्षेत्र में मोबाइल फोन पर सख्ती बरतते हुए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश सीनियर असिस्टेंट सेक्रेटरी एमडी शाहिदुल इस्लाम के पत्र से जारी हुआ, जो रविवार को अधिकारियों तक पहुंचा।
प्रचार सोमवार को समाप्त हो चुका है और चुनावी माहौल चरम पर है। प्रतिबंध के तहत सिर्फ तीन श्रेणियों को छूट- प्रासंगिक प्रेसिडिंग अधिकारी, सुरक्षा अधिकारी और ऐप संचालन के लिए चुने गए दो अंसार सदस्य। बाकी सभी, चाहे उम्मीदवार हों या मीडिया, इससे वंचित रहेंगे।
निर्देश 69 रिटर्निंग ऑफिसरों को दिए गए, जिनमें प्रमुख मंडलों और जिलों के अधिकारी शामिल हैं। महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है। आयोग के डेटा से महिला प्रत्याशियों की संख्या नगण्य है, जबकि निर्दलीय महिलाओं पर साइबर अपराध और धमकियों का दौर चल रहा है।
नेशनल सिटिजन पार्टी की ढाका-19 प्रत्याशी दिलशाना पारुल ने खुलासा किया कि ऑनलाइन ट्रोलिंग उनके हिजाब को लेकर हो रही है। ‘प्रगतिशील होने का दावा करने वाले भी हमला कर रहे हैं। मेरे समर्थकों को जान से मारने की धमकी मिली,’ उन्होंने बताया।
महिलाओं पर व्यक्तिगत हमले पुरुषों के नीति-आलोचना से अलग हैं। कई क्षेत्रों से यौन उत्पीड़न, मानहानि की शिकायतें आ रही हैं, जिनका उद्देश्य चुनावी यात्रा रोकना है। पारुल दृढ़ हैं- ‘क्षेत्रीय विकास ही मेरा लक्ष्य।’
यह प्रतिबंध चुनाव की पारदर्शिता बढ़ाएगा, लेकिन महिलाओं को सुरक्षा देकर ही सच्चा लोकतंत्र मजबूत होगा। बांग्लादेश का भविष्य इन चुनौतियों पर टिका है।