मलेशिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आईएनए के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से मिलना एक ऐतिहासिक पल साबित हुआ। इस खास बातचीत में जयराज ने मोदी को ‘जोशीला और देखभाल करने वाला’ बताया तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृतियों को तरोताजा किया।
आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में जयराज ने कहा कि गांवों में स्वच्छता, पानी की व्यवस्था और अर्थव्यवस्था मजबूत करने के अलावा मोदी ने सभी धर्मों – हिंदू, मुस्लिम, ईसाई – के साथ समानता बरती है। पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख और वैश्विक शक्तियों से सावधानी – ये उनकी दूरदर्शिता दर्शाते हैं।
जयराज ने साझा किया कि किशोरावस्था में नेताजी ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया था। मोदी को यह सुनकर खुशी हुई। उन्होंने भारत में विविध जातियों को एकजुट रखने की पीएम की कला की प्रशंसा की।
नेताजी के प्रभाव को तीन बिंदुओं में बांटा – करिश्माई भाषण से भारतीय एकता, ब्रिटिशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन और महिलाओं की रानी झांसी ब्रिगेड के जरिए भागीदारी।
आईएनए की उपेक्षा पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध में सिंगापुर-मलाया से बनी यह फौज ने आजाद हिंद सरकार बनाई और बर्मा पार कर भारत आजाद करने निकली। स्थानीय भारतीयों के स्वयंसेवकों ने इसे मजबूत किया, लेकिन इतिहास में उनका स्थान कम है।
मोदी की यह पहल स्वतंत्रता संग्राम की धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाती है।