पाकिस्तान की रावलपिंडी एटीसी ने पूर्व पीएम और पीटीआई चीफ इमरान खान की महत्वपूर्ण मेडिकल अर्जी नामंजूर कर दी। अडियाला जेल में निजी डॉक्टरों की जांच की मांग ठुकराते हुए कोर्ट ने कहा कि जेल में पर्याप्त मेडिकल व्यवस्था मौजूद है। 72 वर्षीय इमरान की यह दूसरी ऐसी कोशिश थी।
स्थानीय चैनलों के मुताबिक, फैसले के तुरंत बाद पीटीआई सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई, जहां परिवारिक मुलाकात और चिकित्सकीय जांच की गुहार लगाई। कोर्ट में वकील ने दावा किया कि जीएचक्यू केस में जमानत पर होने से इमरान को अतिरिक्त अधिकार हैं। अभियोजन पक्ष ने जेल मैनुअल का सहारा लिया, जिसमें निजी डॉक्टरों पर रोक है।
पीआईएमएस में हालिया आंखों के ऑपरेशन से इमरान की दृष्टि समस्या सामने आई, जिसे पीटीआई सत्ताधारीय ढिंढोरा मानती है। अचकजई ने असेंबली में शरीफ से अपील की कि नैतिकता व अधिकारों के तहत भरोसेमंद टीम जांच करे। परिवार ने भी पुरानी दरखास्त दोहराई।
जेल सूत्रों का कहना है कि ‘बी-क्लास’ सुविधाओं में इमरान को बेहतरीन भोजन, केयर, किताबें, वॉक सब मिल रहा। 2023 से कैद इमरान 2022 हटाने को साजिश बताते हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला पाकिस्तान के उबलते सियासी माहौल को नई दिशा दे सकता है।