बांग्लादेश की राजधानी ढाका शुक्रवार को श्रमिक आंदोलन का केंद्र बनी, जहां 9वें वेतनमान लागू करने की पुकार से मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के जमुना हाउस के आसपास तनाव व्याप्त हो गया। शाहबाग में सुबह 10:30 बजे इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकारी आवास तक मार्च निकालने का प्रयास किया।
सुरक्षा कर्मियों ने इलाके को घेर लिया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन व ध्वनि बमों का सहारा लिया। नारेबाजी करते रहे प्रदर्शनकारी अपनी पीड़ा बयां कर रहे थे। एक महिला ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा सिर्फ वेतनमान सुधार का है। वहीं, गिरफ्तार एक व्यक्ति ने परिवार की मजबूरी बताई कि पुराने वेतन पर निर्वाह कठिन है।
पिछले महीने सचिवालय में भी इसी तरह का हंगामा हुआ था, जहां कर्मचारियों ने सालेहुद्दीन अहमद को घेर लिया। बदिउल कबीर ने कहा था कि गजट नोटिफिकेशन तक नहीं हटेंगे। दिसंबर में निजामुद्दीन अहमद की चेतावनी के मुताबिक जनवरी से संघर्ष तेज होने की बात कही गई थी।
महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच ये घटनाएं बांग्लादेशी कर्मचारियों के गुस्से को उजागर करती हैं। अंतरिम सरकार को शीघ्र कदम उठाने होंगे वरना हालात और बिगड़ सकते हैं।