बांग्लादेश का राजनीतिक क्षितिज मेघों से घिरा है, जहां आगामी आम चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमेरिका के प्रमुख विश्लेषक माइकल रूबिन ने चेताया है कि मुख्य पार्टियों को हाशिए पर धकेलने से यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक वैधता खो चुकी है।
अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो रूबिन ने आईएएनएस को बताया, ‘यहां कोई स्वतंत्र या निष्पक्ष वोटिंग नहीं होगी।’ खुली प्रतिस्पर्धा ही असली लोकतंत्र की कुंजी है, जिसमें जनप्रिय दल मैदान में हों।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस (8 अगस्त 2024 से पद पर) और जमात-ए-इस्लामी द्वारा अवामी लीग पर बैन की मांग को रूबिन ने डर का परिचायक कहा। इससे साफ है कि स्वच्छ चुनाव में अवामी लीग भारी पड़ती।
स्ट्रेटेजिक डायलॉग इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में रूबिन ने इसे अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा बताया, ‘ट्रेन हादसे की तरह धीरे-धीरे बिगड़ रहा है।’ 2024 प्रदर्शनों को वे सुनियोजित मानते हैं, सोवियत या ईरानी ढांचे से तुलनीय।
पाकिस्तान का रोल भी उजागर किया – जमात से जुड़े छात्र गुट को धन मुहैया कराया, सबूत मजबूत हैं। दूतावासों की बंदिशें सच्चाई से दूर रखती हैं।
चुनाव पूर्व लोकतंत्र बचाने के लिए समावेशी रणनीति अपनानी होगी, नहीं तो अराजकता फैलेगी। वैश्विक नजरें इस पर टिकी हैं।